कवर्धामध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़

हिंदू संगम बोड़ला: जनजातीय स्वास्थ्य परंपरा और आधुनिक चिकित्सा का अनूठा संगम, बैगा-गुनिया और डॉक्टरों का हुआ सम्मान

बोड़ला/कबीरधाम। कबीरधाम जिले के बोड़ला में आयोजित 06 दिवसीय भव्य ‘हिंदू संगम’ के तीसरे दिन आज आस्था और सेवा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। मौनी अमावस्या के उपलक्ष्य में आयोजित इस महाकुंभ के तीसरे दिन यानी 15 जनवरी को ‘बैगा-गुनिया एवं चिकित्सक सम्मेलन’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वनांचल क्षेत्रों में पारंपरिक पद्धति से उपचार करने वाले बैगा-गुनिया गांव में फूंक झाड़ करने वाले बैगा और ग्रामीण क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा देने वाले चिकित्सकों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरोग्य भारती के संगठन मंत्री अशोक वार्ष्णेय, छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,चंद्रशेखर वर्मा सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

आरोग्य भारती के संगठन मंत्री अशोक वार्ष्णेय का रहा मार्गदर्शन

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आरोग्य भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अशोक वार्ष्णेय उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। हमारे वनांचल क्षेत्रों में निवास करने वाले बैगा और गुनिया सदियों से जड़ी-बूटियों और पारंपरिक ज्ञान के माध्यम से समाज की सेवा कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के डॉक्टर सीमित संसाधनों में लोगों की जान बचा रहे हैं। इन दोनों का समन्वय ही नर-सेवा ही नारायण सेवा का असली स्वरूप है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की सराहना

कार्यक्रम में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैगा-गुनिया के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हमारे बैगा-गुनिया केवल उपचार नहीं करते, बल्कि वे हमारी लोक संस्कृति और विश्वास की कड़ी हैं। जब अस्पताल मीलों दूर होते थे, तब आपने ही अपनी निस्वार्थ सेवा से ग्रामीणों का मनोबल बनाए रखा। आज छत्तीसगढ़ शासन आप सभी के इस ज्ञान और सेवा भाव का सम्मान करता है। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में रहकर मानवता की सेवा कर रहे हैं। आप और ये पारंपरिक उपचारक मिलकर एक स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले।

बैगा-गुनिया और चिकित्सकों को मिला सम्मान

सम्मेलन के दौरान कबीरधाम जिले के दूर-दराज के गांवों से आए सैकड़ों बैगा, गुनिया और चिकित्सकों का रामायण पुस्तक, श्री राम चंद्र का फोटो, दंड एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इनमें वे लोग शामिल थे जो तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से ग्रामीणों का उपचार करते हैं, साथ ही वे डॉक्टर भी सम्मानित हुए जो गांव क्षेत्रों में रहकर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं।

सम्मान पाकर चेहरों पर झलकी खुशी

सम्मान पाकर उपस्थित बैगा-गुनिया और चिकित्सकों के चेहरों पर खुशी और गौरव का भाव देखा गया। उन्होंने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में उनके योगदान को इस तरह के बड़े मंच पर पहचान मिलना बहुत ही सराहनीय पहल है।

हिंदू संगम के माध्यम से सामाजिक एकजुटता का संदेश

आयोजन समिति के संयोजक दुर्गेश वर्मा ने बताया कि वर्ष 2013 से अनवरत जारी यह हिंदू संगम मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का अभियान है। आज तीसरे दिन का यह कार्यक्रम उन लोगों को समर्पित था जो समाज के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं। बोड़ला की सड़कें भगवा ध्वजों से सजी हुई हैं और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल है। साथ ही, आयोजन स्थल पर लगातार भंडारा चल रहा है, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।वहीं आज के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि हिंदू संगम न केवल सांस्कृतिक बल्कि सामाजिक समरसता और गौरव को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम का स्वागत एवं मंच संचालन डॉ प्रेमकांत मिश्रा के द्वारा किया गया।

आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा:

16 जनवरी: मंदिर पुजारी एवं संत सम्मेलन ,मुख्य अतिथि: अरुण नेटके, विश्व हिंदू परिषद। 17 जनवरी: भव्य युवा सम्मेलन एवं युवराज पांडे द्वारा कथा वाचन। 18 जनवरी: समापन एवं धर्मसभा, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह-सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते शिरकत करेंगे।

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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