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वनांचल में फूटा जनआक्रोश: बरसते पानी में बिजली दफ्तर का घेराव, बैरिकेड्स तोड़े; विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन

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कवर्धा – कुई-कुकदूर (पंडरिया)। वनांचल क्षेत्र में व्याप्त गंभीर बिजली संकट, किसानों-मजदूरों की लंबित समस्याओं, भ्रष्टाचार और विधायक के कथित ‘घर वापसी’ कार्यक्रम को लेकर कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा में सियासत गरमा गई है। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न वर्गों ने बरसते पानी के बीच अटल चौक कुई-कुकदूर (उप तहसील) में एक विशाल जनआक्रोश रैली और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित जनता ने बिजली कार्यालय का घेराव किया और क्षेत्रीय भाजपा विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन कर तीखा विरोध दर्ज कराया। देर शाम 6 बजे तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से हुई झूमाझटकी
धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ विशाल जनआक्रोश रैली निकाली। रैली जब बिजली कार्यालय पहुंची, तो वहां सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। उग्र आंदोलनकारियों ने एक बैरिकेड को हवा में उड़ा दिया और मुख्य द्वार के समीप पहुंचकर घंटों तक जोरदार नारेबाजी की।


प्रदर्शन के दौरान “पंडरिया विधायक होश में आओ”, “स्मार्ट मीटर बंद करो, बढ़ती बिजली दर कम करो”, और “गन्ना किसानों का भुगतान करो” जैसे गगनभेदी नारे गूंजते रहे। हाथों में बिजली बिल और विरोध की तख्तियां लिए महिलाएं, छात्र-छात्राएं, आदिवासी समाज और स्थानीय व्यवसायी इस आक्रोश में शामिल दिखे।
पट्टा आवंटन में अवैध वसूली और अधिकारियों की मनमानी का आरोप
आंदोलनकारियों ने विधायक के ‘विकसित पंडरिया विधानसभा प्लान’ पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में पट्टा दिलाने के नाम पर गरीब जनता से अवैध वसूली का कारोबार चल रहा है। ग्राम बदना के 250 से अधिक परिवारों ने पूर्ण दस्तावेजों के साथ पट्टे के लिए आवेदन किया है, लेकिन राजस्व विभाग और पटवारी की उदासीनता के चलते उन्हें अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा, वनांचल क्षेत्र के 6-7 गांवों में भूमिहीन गरीबों को बंदोबस्त नियमों के तहत जो जमीन मिली थी, उसका नक्शा आज तक ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पाया है। पीड़ित ग्रामीण कई बार विधायक के ‘जनसेवा ही भावना कार्यालय’ और संबंधित विभागों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
नेताओं के तीखे बयान: रील्स और प्रोटोकॉल पर निशाना
“विधायक के दौरे पर पूरा अमला तैनात रहता है, पर जनता की सुनने कोई नहीं आता”
“विधायक भावना बोहरा के एक दौरे के प्रोटोकॉल को पूरा करने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी गाड़ियां लेकर ड्यूटी पर मुस्तैद हो जाते हैं। मगर आज जब क्षेत्र की जनता अपनी जायज समस्याओं को लेकर सड़कों पर बैठी है, तो उनकी सुध लेने और ज्ञापन लेने के लिए शासन-प्रशासन का कोई भी उच्च जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यह इस सरकार की नीति और नीयत के खोखलेपन को दर्शाता है।”

कर्मचारियों को चमकाने वाली विधायक शक्कर कारखाने के MD पर क्यों चुप हैं?”
“भावना बोहरा का एक सोशल मीडिया रिल बहुत वायरल हुआ था, जिसमें वह बिजली ऑफिस में एक छोटे कर्मचारी को डांटकर खुद को किसान हितैषी दिखा रही थीं। सवाल यह है कि जब सत्ता और पहुंच उनकी खुद की है, तो अधिकारी उनकी बात क्यों नहीं सुन रहे? पंडरिया शक्कर कारखाने के गन्ना किसानों की बकाया राशि और मजदूरों के लंबित वेतन के लिए वह कारखाने के भ्रष्ट MD को क्यों नहीं चमकातीं? वहां रील क्यों नहीं बनती? ऐसा इसलिए क्योंकि कारखाना अब प्राइवेट कंपनी की तरह काम कर रहा है और वहां बड़े पैमाने पर लेनदेन का खेल चल रहा है।”
— श्रीमती ममता चंद्राकर (राष्ट्रीय महासचिव महिला कांग्रेस एवं पूर्व विधायक)
ज्ञापन में शामिल 5 प्रमुख मांगें
आंदोलन के अंत में युवा कांग्रेस और क्षेत्रवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा:


1 बिजली संकट का समाधान: क्षेत्र में अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और खराब ट्रांसफॉर्मरों की समस्या को 4 अलग-अलग बिंदुओं के तहत तत्काल दूर किया जाए।
2 गन्ना किसानों का भुगतान: पंडरिया शक्कर कारखाने के गन्ना उत्पादक किसानों की 32 करोड़ रुपये की बकाया राशि का ब्याज सहित तत्काल भुगतान हो।
3 श्रमिकों का वेतन: कारखाने के मजदूर भाइयों के पिछले 6 महीने से लंबित 1 करोड़ रुपये से अधिक के वेतन को तुरंत जारी किया जाए।
4 वनांचल में विद्युत आपूर्ति: ग्राम पंचायत झिंदीडीह, तेलियापानी, लेदरा सहित अन्य वनांचल गांवों व टोलों में तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
5 घर वापसी’ की सूची सार्वजनिक हो: विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रमाणित 750 परिवारों के जिस कथित ‘घर वापसी’ (धर्मांतरण) आयोजन का दावा किया जा रहा है, उसकी आधिकारिक सूची प्रशासन द्वारा सार्वजनिक की जाए।


चेतावनी: युवा कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इन जनहितकारी मांगों पर प्रशासन ने शीघ्र ही कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में उग्र और व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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