रामचुवा में 300 शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान, सेवानिवृत्त एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक बने समारोह के विशिष्ट अतिथि

“शिक्षक समाज का निर्माण करता है” — नितेश अग्रवाल
शिक्षक सम्मान समारोह समिति का अनूठा आयोजन — प्राकृतिक सौंदर्य की गोद में शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ सामूहिक भोज
शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षक के ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से ही एक बेहतर समाज का निर्माण संभव है। इसी भावना के साथ शिक्षक सम्मान समारोह समिति द्वारा प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण रामचुवा में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में परिसर क्षेत्र के लगभग 300 शिक्षकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि आयोजन समिति ने समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों को ही अतिथि के रूप में आमंत्रित कर उन्हें सम्मान का केंद्र बनाया। समारोह में सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री आर.एस. चंद्रवंशी, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री टी.पी. दुबे, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक श्री आदित्य श्रीवास्तव तथा श्री कार्तिकेय तिवारी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति को इन वरिष्ठ शिक्षकों का सम्मान करने का विशेष अवसर मिला।

समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के जिला महामंत्री नितेश अग्रवाल ने कहा कि “शिक्षक समाज की वह शक्ति है, जो बिना किसी अपेक्षा के पीढ़ियों का निर्माण करता है। एक शिक्षक विद्यार्थी को केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि उसे जीवन जीने की कला, संस्कार और सही दिशा प्रदान करता है। आज हम जिन ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं, उसके पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन अवश्य रहा है। इसलिए शिक्षक का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और भविष्य का सम्मान है।”

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “मेरे लिए यह अवसर और भी भावुक करने वाला है कि मेरे गुरु एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री आर.एस. चंद्रवंशी जी, जिन्होंने मुझे भी पढ़ाया है, आज इसी मंच पर अतिथि के रूप में उपस्थित हैं और मुझे उनका सम्मान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।”
कार्यक्रम में भगत पटेल पुलिस प्राधिकरणसदस्य, नंद श्रीवास, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत बोड़ला, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंगा लोकचंद साहू तथा जनपद पंचायत सभापति श्री नरेश साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।वक्ताओं ने शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।
समारोह में परिसर क्षेत्र के लगभग 300 शिक्षकों को एक-एक कर मंच पर आमंत्रित किया गया और उनका सम्मान किया गया। प्रत्येक शिक्षक का व्यक्तिगत रूप से सम्मान किए जाने से समारोह में आत्मीयता और गरिमा का विशेष वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने भी अपने उद्बोधन में शिक्षक सम्मान समारोह समिति के इस प्रयास की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि आज के समय में शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना उनके लिए गर्व और उत्साह का विषय है। इस तरह के आयोजन समाज में गुरु और शिक्षा के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के पश्चात सभी शिक्षकों, अतिथियों एवं उपस्थितजनों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। प्राकृतिक वातावरण के बीच सभी ने आत्मीयता के साथ सामूहिक भोज में सहभागिता की।
भोरमदेव से लगे बोड़ला क्षेत्र का रामचुवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति की गोद में आयोजित इस शिक्षक सम्मान समारोह ने आयोजन को और भी विशेष एवं यादगार बना दिया। ज्ञान, गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान और आत्मीयता से सराबोर यह समारोह क्षेत्र में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में चर्चा का विषय बना।
शिक्षक सम्मान समारोह समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करना और नई पीढ़ी को गुरु के महत्व एवं सम्मान का संदेश देना रहा। कार्यक्रम में मिलु राम साहू, मंडल अध्यक्ष, राजेश साहू, सदस्य प्रतिनिधि जनपद पंचायत बोड़ला, मंडल महामंत्री
चेतन विश्वकर्मा,अजय कौशिक, , द्रोपदी मानिकपुरी, संजय पटेल, ममता साहू, श्रीमती लीला साहू, तीरथ पटेल, चंद्रमा साहू, चंद्रकुमार दिवाकर, चैन सिंह धुर्वे, ललिता सुखदास पटेल, दशरथ साहू, हरिराम साहू, योग साहू, हीरा साहू, डेरहा साहू, सुमिरन पटेल, तुलसी साहू, कमल लहरे, दीपचंद साहू, कौशल साहू सहित अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

