फर्जी आवेदन व कूटरचित हस्ताक्षर से प्रधान पाठक का आपसी ट्रांसफर का आरोप पीड़ित शिक्षक ने DEO व शिक्षक संघ से की शिकायत

बोड़ला विकासखंड का मामला फर्जी दस्तावेज और कूटरचित (फर्जी) हस्ताक्षर के आधार पर शिक्षक का आपसी स्थानांतरण कराने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बोड़ला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सिल्हाटी में पदस्थ प्राथमिक प्रधान पाठक विष्णु प्रसाद धृतलहरे ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कबीरधाम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ (जिला कबीरधाम) को पत्र सौंपकर आवश्यक हस्तक्षेप और मदद की गुहार लगाई है।


बिना सहमति और जानकारी के जारी हुआ ट्रांसफर आदेश
पीड़ित प्रधान पाठक ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB-1/5061/2026/20-3 (दिनांक 25/08/2026) के तहत उनका स्थानांतरण शासकीय प्राथमिक शाला अंधरीकछार में आपसी स्थानांतरण के आधार पर कर दिया गया है।


शिक्षक का आरोप है कि उन्होंने स्थानांतरण के लिए न तो कोई आवेदन प्रस्तुत किया था और न ही अपनी सहमति दी थी। उनके नाम से फर्जी सहमति पत्र और कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर यह ट्रांसफर कराया गया है।
1 साल से लकवा से पीड़ित हैं शिक्षक, संघ से मांगी मदद
पीड़ित शिक्षक ने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से लकवा (Paralysis) की बीमारी से ग्रस्त हैं और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ से गुहार लगाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
संगठनात्मक सहयोग व निष्पक्ष जांच: संघ विभागीय अधिकारियों के समक्ष पीड़ित शिक्षक का पक्ष रखे और आवेदन व हस्ताक्षरों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करे।
जांच पूरी होने तक शासकीय प्राथमिक शाला अंधरीकछार के प्रधान पाठक को उनके मूल शाला से कार्यमुक्त (Relieve) न किया जाए।
जांच में हस्ताक्षर व आवेदन फर्जी पाए जाने पर संलिप्त व्यक्ति के विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई कराई जाए।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाकर उन्हें यथावत सिल्हाटी में ही पदस्थ रखा जाए।
शिक्षक ने इस संबंध में संभाग अध्यक्ष व संभाग महासचिव (छत्तीसगढ़ अधिकारी संघ, दुर्ग संभाग) को भी प्रतिलिपि प्रेषित की है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठन इस फर्जीवाड़े पर क्या रुख अपनाते हैं।



