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नोटिस जारी, पर RTI में इनकार: बोड़ला तहसील की कार्रवाई पर बड़ा सवाल, अवैध ईंट भट्ठों पर खेल?”

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बोड़ला। अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई को लेकर बोड़ला तहसील कार्यालय अब गंभीर विरोधाभासों में घिरता नजर आ रहा है। एक ओर जहां संबंधित संचालकों को “कारण बताओ नोटिस” जारी किए जाने के दस्तावेज सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सूचना के अधिकार (RTI) में तहसील कार्यालय ने साफ तौर पर यह जानकारी दी है कि ईंट भट्ठों पर किसी प्रकार की नोटिस या कार्यवाही नहीं की गई है।

यह सीधा-सीधा रिकॉर्ड और वास्तविकता के बीच टकराव को दर्शाता है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार:
तहसील कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं
संचालकों को पेशी के लिए बुलाया जा रहा है


लेकिन RTI के जवाब में:
कोई नोटिस नहीं दिया गया”
“कोई कार्यवाही नहीं की गई”
👉 ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि
अगर नोटिस जारी हुए हैं, तो RTI में इसे क्यों छुपाया गया?
या
अगर RTI सही है, तो फिर ये नोटिस किस आधार पर जारी किए गए?
प्रक्रिया पर उठे सवाल
कानूनी जानकारों के मुताबिक:
हर कार्रवाई का रिकॉर्ड होना अनिवार्य है
नोटिस, पेशी और प्रकरण — तीनों आपस में जुड़े होते हैं
👉 लेकिन यहां स्थिति यह है कि:
नोटिस है, पर रिकॉर्ड में नहीं
पेशी हो रही है, पर प्रकरण नहीं
जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध और अपारदर्शी बनाता है।
“सेटलमेंट” की आशंका को मिला बल
इस विरोधाभास के बाद अब यह आशंका और गहरा गई है कि:
क्या जानबूझकर रिकॉर्ड में जानकारी नहीं दिखाई जा रही?
क्या मामले को “ऊपर ही ऊपर” निपटाने की कोशिश हो रही है?
जनता में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
अवैध ईंट भट्ठे लगातार संचालित हो रहे हैं
राजस्व और पर्यावरण दोनों को नुकसान हो रहा है
फिर भी प्रशासन की भूमिका स्पष्ट नहीं है
मांग उठी जांच की
जनता और जानकारों ने मांग की है कि:
RTI में दी गई जानकारी और जारी नोटिसों की उच्च स्तरीय जांच हो
दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
अवैध ईंट भट्ठों पर विधिसम्मत कार्रवाई तुरंत शुरू हो

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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