RC रद्द, दस्तावेज नदारद… फिर भी सड़क पर दौड़ता भोरमदेव शक्कर कारखाना का शासकीय वाहन

नियमों को खुली चुनौती, जिम्मेदार कौन?
कवर्धा। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन संस्थानों पर है, उन्हीं के अधीन वाहन नियमों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। भोरमदेव शक्कर कारखाना के अधीन एक शासकीय वाहन CG 04 A 0401 का पंजीयन प्रमाणपत्र (RC) रद्द होने के बावजूद उसके बेधड़क सड़क पर दौड़ने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि वाहन के पास न तो वैध RC है, न HSRP नंबर प्लेट और न ही प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) सहित अन्य जरूरी दस्तावेज। इसके बावजूद वाहन लंबे समय से उपयोग में बना हुआ है, जिससे कारखाने की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि यही वाहन किसी दुर्घटना में शामिल हो जाए तो जवाबदेही किसकी तय होगी — चालक की, कारखाना प्रबंधन की या संबंधित विभागों की?
मोटर वाहन नियमों के अनुसार बिना वैध दस्तावेज किसी भी वाहन का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। आम नागरिकों के वाहनों पर तो नियमित जांच और चालानी कार्रवाई होती है, लेकिन शासकीय वाहन के मामले में अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आना व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भोरमदेव शक्कर कारखाना जैसे संस्थान ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करते हैं या यह वाहन यूं ही नियमों को चुनौती देता रहेगा।



