पहाड़िया में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां बगलामुखी (पीतांबरा) शक्तिपीठ की भव्य स्थापना

रीवा। विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले के पहाड़िया क्षेत्र में मां बगलामुखी (पीतांबरा) शक्तिपीठ की स्थापना के साथ एक नया आध्यात्मिक केंद्र उभरकर सामने आया है। मंदिर स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।
मां बगलामुखी (पीतांबरा) शक्तिपीठ की स्थापना वैदिक रीति-रिवाजों, हवन-पूजन और मंत्रोच्चार के बीच परमहंस हरिचेतनानंद ब्रह्मचारी के सान्निध्य में संपन्न हुई। इस दौरान शिव-पार्वती की भी विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। आयोजन स्थल निजी महाविद्यालय परिसर में रहा, जहां सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में जनार्दन मिश्रा, राजमणि पटेल, बृजभूषण शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, संत, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसी दौरान एक रोचक घटनाक्रम भी सामने आया, जब अजय सिंह राहुल ने फोन के माध्यम से परमहंस हरिचेतनानंद ब्रह्मचारी से आशीर्वाद लिया। इस पर संत ने उन्हें वर्ष 2028 में मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वचन दिया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल गई।
कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी बालेंदु शुक्ला ने बताया कि यह संयोग है कि पहाड़िया अब पीतांबरा पीठ दतिया की तर्ज पर एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। इससे विंध्य क्षेत्र के श्रद्धालुओं को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। दोपहर से प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आसपास के जिलों और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र “जय मां पीतांबरा” के जयघोष से गूंज उठा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां बगलामुखी को शत्रु विनाश, न्याय और शक्ति की देवी माना जाता है। उनकी आराधना से संकटों का नाश होता है और साधक को सफलता एवं विजय प्राप्त होती है।
इस नई स्थापना के साथ ही रीवा और विंध्य क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का नया केंद्र विकसित हुआ है, जिससे आने वाले समय में यह स्थल एक प्रमुख तीर्थ के रूप में पहचान बना सकता है।




