भोरमदेव जंगल सफारी शुभारंभ कार्यक्रम का निमंत्रण बना विवाद का कारण, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर उठे सवाल

कवर्धा क्षेत्र में आयोजित भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर जारी निमंत्रण पत्र अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। आमंत्रण में जनपद सदस्य से लेकर विभिन्न पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन जिला स्तर के महत्वपूर्ण पद—जिलाध्यक्ष—का नाम पूरी तरह से नदारद है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इतना ही नहीं, पंडरिया क्षेत्र की सक्रिय विधायक भावना बोहरा का नाम भी आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया, जिसे लेकर समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। क्षेत्रीय जनता का मानना है कि यह केवल एक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित उपेक्षा का मामला हो सकता है।
एक ओर जहां सरकार और विभिन्न मंचों पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर एक महिला विधायक के सम्मान की अनदेखी ने इस मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। इस विरोधाभास को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है और कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इससे पहले भी कार्यक्रम से जुड़े निमंत्रण पत्र में अंतिम समय में बदलाव किए जाने की बातें सामने आ चुकी हैं, जिससे पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह की अनदेखी न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि क्षेत्र की जनता की भावनाओं को भी आहत करती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी या आयोजक इस मामले में क्या सफाई देते हैं।




