स्वामी आत्मानंद स्कूल बोड़ला में विद्यालय विकास के लिए जनसहयोग की अनूठी पहल

प्राचार्य व शिक्षकों ने संभाली कमान: विवेकानंद की प्रतिमा, RO वाटर फिल्टर व अन्य विकास कार्यों में मिल रहा समाज का साथ
बोड़ला। पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला में विद्यालय के शैक्षणिक और भौतिक स्वरूप को संवारने के लिए एक सराहनीय एवं अनूठी पहल शुरू की गई है। विद्यालय प्रबंधन ने सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देते हुए समाज के सहयोग से स्कूल का कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया है।
इस पहल का नेतृत्व विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय खरे, व्याख्याता श्री रवि कुमार वर्मा और सहायक ग्रेड-2 श्री गौरव भारद्वाज मिलकर कर रहे हैं। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और बेहतर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

इन प्रमुख कार्यों के लिए जुटाया जा रहा सहयोग
प्रेरणास्रोत प्रतिमा: विद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा स्थापित करना, ताकि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी वातावरण तैयार हो सके।
शुद्ध पेयजल: विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वाटर फिल्टर (R.O.) सिस्टम की व्यवस्था करना।
भौतिक विकास: परिसर के सुंदरीकरण और अन्य आवश्यक ढांचागत विकास कार्यों को पूरा करना।
समाज के गणमान्य नागरिकों ने बढ़ाया हाथ
विद्यालय विकास की इस कड़ी में आज क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने आगे बढ़कर अपना योगदान दिया। सहयोग प्रदान करने वालों में श्री रूपनाथ मानिकपुरी जी, श्री प्रकाश केशरवानी जी, श्री रेवा राम खरे जी, श्री टोमन भंडारी जी एवं संस्कार बुक डिपो के श्री विजय साहू शामिल हैं।
“समाज की सहभागिता से ही संभव है सर्वांगीण विकास”
“विद्यालय के विकास में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब समाज और शिक्षण संस्थान मिलकर कार्य करते हैं, तो विद्यार्थियों को एक आदर्श वातावरण मिलता है। जनसहयोग से न केवल भौतिक सुविधाएँ पूरी हो रही हैं, बल्कि विद्यालय और समाज के बीच आत्मीयता और सहभागिता का संबंध भी मजबूत हो रहा है।”
— श्री विजय खरे (प्राचार्य)
विद्यालय प्रबंधन ने इस सकारात्मक पहल में योगदान देने वाले सभी दानदाताओं व प्रबुद्ध नागरिकों का आभार व्यक्त किया है तथा अन्य लोगों से भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है।


