कवर्धामध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़

वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, नर चीतल का शिकार करने वाले 07 शिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार, भेजे गए जेल

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जाल बिछाकर किया था वन्य जीव का सामूहिक शिकार; मौके से चीतल का मांस, कुल्हाड़ी और जाल बरामद



वन्य जीवों के संरक्षण और अवैध शिकारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विकास निगम कवर्धा परियोजना मंडल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग की मुस्तैद टीम ने जाल बिछाकर एक नर चीतल का अवैध सामूहिक शिकार करने, उसका मांस पकाने और खाने के संगीन मामले का पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। इस क्रूर कृत्य में संलिप्त सभी 07 आरोपियों को मौके से रंगे हाथों गिरफ्तार कर माननीय जिला न्यायालय, कबीरधाम के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें रिमांड पर सीधे जेल दाखिल कर दिया गया है।
मुखबिर की सूचना पर अचानक दी दबिश
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना परियोजना परिक्षेत्र बोड़ला के अंतर्गत आने वाले भलपहरी बीट के कक्ष क्रमांक RF/02 के समीप जंगल की है। आरोपियों ने जंगल के भीतर जाल बिछाकर एक नर चीतल (अनुमानित उम्र लगभग 03 वर्ष) को अपने जाल में फंसाया और उसका शिकार कर दिया। इसके बाद वे मृत चीतल को भूनकर, उसके मांस को टुकड़ों में काटकर आपस में बांटकर पका रहे थे।
इस कृत्य की भनक लगते ही मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर वन विकास निगम की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और आरोपियों के घर पर अचानक दबिश दी। इस औचक छापेमारी में टीम ने आरोपियों के कब्जे से:
लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस
शिकार में प्रयुक्त नायलॉन की रस्सी
03 नग कुल्हाड़ी
स्टील के तारों और लकड़ी से निर्मित फंदे (शिकार जाल)
खून से सना हुआ थैला मौके से बरामद कर जब्त किया।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
इस वन्य अपराध में संलिप्त जिन 07 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:
कमलेशु पिता नानीक पटेल (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम भलपहरी
श्यामलाल पिता नानक पटेल (उम्र 26 वर्ष), निवासी ग्राम भलपहरी
सनत पिता पवन पटेल (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम भलपहरी
मनीराम पिता रति राम बैगा (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम डेहरीपथरा
गनपत पिता बिरझु बैगा (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम डेहरीपथरा
मंगल पिता बिरझु बैगा (उम्र 26 वर्ष), निवासी ग्राम डेहरीपथरा
बिसरू पिता बिरझु बैगा (उम्र 30 वर्ष), निवासी ग्राम डेहरीपथरा
उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न सुसंगत और कठोर धाराओं क्रमशः 2(16), 09, 39(1), (3), 44, 50, 51(1)(2) एवं 52 के तहत वन अपराध प्रकरण (पी.ओ.आर. क्रमांक 21942/11 दिनांक 29/06/2026) दर्ज कर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई संपन्न की गई है।
अधिकारियों के निर्देशन में टीम को मिली सफलता
यह पूरी कार्रवाई मंडल प्रबंधक सुनील कुमार के कुशल निर्देशन एवं उप मंडल प्रबंधक श्रीमती दीपिका सोनवानी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक निष्पादित की गई। दबिश देने वाली मुख्य टीम में नवीन कुमार कश्यप (परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, बोड़ला), प्रवीण सिंह परिहार (सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), निरंजन कांबले, श्रीकांत कुमार सिंह, गणेश राम चंद्रवंशी (सभी सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), सुश्री अलका भारती (क्षेत्ररक्षक) सहित वन विकास निगम के अन्य मैदानी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा श्रमिकों का सराहनीय योगदान रहा।
“जंगलों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा हमारी बुनियादी जिम्मेदारी है। वनों में अवैध शिकार जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए हमारी टीम पूरी तरह मुस्तैद है और ऐसी घटनाओं पर विभाग का रुख बहुत कड़ा है। मैदानी अमले को गश्त और सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके। वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
— श्री सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक, वन विकास निगम कवर्धा

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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