दलदली-अगरी सड़क धंसने के मामले में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित, ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

कवर्धा/बोड़ला।
विकास की पोल खोलती कवर्धा के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनी सड़क के धंसने की खबर को जब मीडिया ने प्रमुखता से उठाया, तो शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह ‘खबर का असर’ ही है कि मामले की गूंज सीधे मंत्रालय तक पहुंची और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के कड़े रुख के बाद अब इस पूरे महाघोटाले और लापरवाही का ‘कच्चा चिट्ठा’ सामने आ गया है।
राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय जांच में जो खुलासे हुए हैं, उसने विभाग से लेकर ठेकेदार तक के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है।
‘खबर का असर’: सचिव खुद पहुंचे ग्राउंड पर, ऑन-द-स्पॉट एक्शन
मीडिया में खबर सुर्खियां बनते ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तत्काल कड़े एक्शन के निर्देश दिए। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह खुद पूरी तकनीकी टीम के साथ गुरुवार को दलदली-अगरी मार्ग पर मुआयना करने पहुंचे।
ऑन-द-स्पॉट जांच: मौके पर ही सड़क की कोर कटिंग कराई गई और तकनीकी बारीकियों को परखा गया।
इंजीनियरों पर गिरी गाज: जांच में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
कार्यपालन अभियंता पर शिकंजा: कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट: घटिया निर्माण करने वाले दागी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) करने के कड़े निर्देश जारी हो चुके हैं।
जांच में बड़ा खुलासा: 10 टन की सड़क पर रेंग रहे थे 70 टन के ‘यमदूत’
राज्य स्तरीय तकनीकी टीम की जांच में सड़क धंसने के दो सबसे मुख्य और चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं:
जांच के मुख्य बिंदुक्या पाया गया (खामियां/वजह)
ओवरलोडिंग का आतंकयह सड़क मात्र 10 से 12 टन की क्षमता के लिए डिजाइन की गई थी, लेकिन इस पर 60 से 70 टन रेत से लदे भारी-भरकम ओवरलोड वाहन बेखौफ दौड़ रहे थे।
शोल्डर निर्माण में किनारों (शोल्डर) का कॉम्पैक्शन (मजबूतीकरण) निर्धारित मानकों से बेहद कम था।
बारिश का पानी और धंसानशोल्डर कमजोर होने के कारण पहली ही बारिश का पानी रिसकर सड़क की निचली परतों (Sub-grade) तक पहुंच गया, जिससे पूरी सड़क ताश के पत्तों की तरह धंस गई।
पुलिया एप्रोच में लापरवाहीपुलिया के पास की बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) में गंभीर तकनीकी खामियां पाई गईं।
तकनीकी पेंच: जांच टीम के मुताबिक, हालांकि जीएसबी (GSB), डब्ल्यूबीएम (WBM) और बीटी (BT) परतों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप थी, लेकिन शोल्डर की कमजोर बनावट और ओवरलोडिंग के घातक कॉम्बिनेशन ने पूरी सड़क को बर्बाद कर दिया।
अब आगे क्या? उखाड़ी जाएगी सड़क, थमेगा ओवरलोडिंग का खेल
सचिव भीम सिंह ने केवल दोषियों पर कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि सड़क को दुरुस्त करने के लिए भी सख्त डेडलाइन तय कर दी है:
दोबारा होगा निर्माण: क्षतिग्रस्त हो चुके पूरे हिस्से को पूरी तरह से उखाड़कर नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाएगा।
सख्त नाकेबंदी: भविष्य में इस मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
संयुक्त एक्शन टीम: परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम अब इस रूट पर अवैध और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेगी और जब्ती की कार्रवाई करेगी।


