अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा: 2 दिन में पहचान, 5 दिन में मुख्य आरोपी पुणे से गिरफ्तार

दिनांक 19/20 मार्च 2026 को थाना बोड़ला क्षेत्र अंतर्गत रानीदहरा जलप्रपात के समीप एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच में मृतिका की पहचान नहीं हो पाने से मामला अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। इस संबंध में थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 34/2026, धारा 103(1), 238(क), 61(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

2 दिन में मृतिका की पहचान
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के आधार पर मात्र 2 दिनों के भीतर मृतिका की पहचान सुखमती बैगा, निवासी जिला मुंगेली के रूप में की गई।
विशेष टीम गठित, बहुस्तरीय जांच
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फील्ड जांच के माध्यम से संदिग्धों की पहचान की गई।
मुख्य आरोपी पुणे से गिरफ्तार
जांच के दौरान देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम पुणे (महाराष्ट्र) रवाना हुई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कबीरधाम लाया गया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मृतिका के साथ उसका प्रेम संबंध था। समाज में बदनामी के डर से उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल और साथी मनोज पटेल के साथ मिलकर 16 मार्च 2026 की शाम 6 से 7 बजे के बीच रानीदहरा जलप्रपात में पत्थर से हमला कर हत्या कर दी और शव को झरने में फेंक दिया।
डमी पुतले से सीन रिक्रिएशन
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटनास्थल पर डमी पुतले के माध्यम से सीन रिक्रिएट कराया, जिससे घटना की पुष्टि हुई। आरोपियों की निशानदेही पर महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल (26 वर्ष)
केषव प्रसाद जायसवाल
मनोज पटेल (32 वर्ष)
सभी निवासी – दरवाजा, चौकी खुड़िया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़)
पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरे मामले में थाना बोड़ला एवं साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरीक्षक रूपक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सतत मेहनत, तकनीकी दक्षता और समन्वय से इस अंधे हत्या प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।




