कवर्धामध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़

VB-G RAM G योजना के तकनीकी सहायकों का शोषण के खिलाफ 3 दिवसीय सांकेतिक आंदोलन शुरू


कर्मचारी संघ का अल्टीमेटम: “अब आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय की प्रतीक्षा; मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल बाध्यकर”
कबीरधाम- छत्तीसगढ़ VB-G RAM G तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ की जिला इकाई कबीरधाम ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 13 से 15 अक्टूबर तक 3 दिवसीय सांकेतिक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन की शुरुआत के साथ ही संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा से सौजन्य भेंट कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया।
संघ के प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि प्रदेश के लगभग 1,250 तकनीकी सहायक कर्मचारी बीते दो दशकों से ग्रामीण विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य कर रहे हैं। बदलती योजनाओं, बढ़ती जिम्मेदारियों और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद ये कर्मचारी आज भी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्पष्ट एचआर पॉलिसी से वंचित हैं।
प्रमुख मांगें:
नियमितीकरण: पिछले 18 वर्षों से लंबित सेवा के आधार पर कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
मानव संसाधन (HR) पॉलिसी: कर्मचारियों के लिए सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट एचआर पॉलिसी लागू की जाए।
पदनाम परिवर्तन: पदनाम परिवर्तित कर ‘कनिष्ठ अभियंता’ (Junior Engineer) किया जाए।
“विकसित भारत @2047” के सिपाहियों का भविष्य अंधेरे में क्यों?
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों ने राज्य सरकार के पूर्व आश्वासनों का सम्मान करते हुए 18 वर्ष मनरेगा योजना को दिए और अब VB-G RAM G योजना के माध्यम से 2047 तक सेवा देने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने में हम अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं, लेकिन हमारा स्वयं का भविष्य असुरक्षित है। यदि सरकार ग्रामीण विकास को नई दिशा देना चाहती है, तो गांव-गांव तक योजनाओं को पहुंचाने वाले कर्मचारियों को पहले सेवा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी होगी।”
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सदैव संवाद और सहयोग का मार्ग अपनाया है। पूर्व में मिले 15 दिनों के आश्वासन की समय-सीमा बीत चुकी है, इसलिए अब आश्वासन नहीं बल्कि ठोस निर्णय चाहिए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सांकेतिक आंदोलन के बाद भी सरकार द्वारा मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो प्रदेश भर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक और ऐतिहासिक निर्णय लेंगे।

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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