कवर्धा में तिमाही परीक्षा के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों को लेकर संयुक्त शिक्षक संघ ने डीईओ को सौंपा ज्ञापन

कवर्धा। तिमाही परीक्षा की व्यवस्था एवं प्रश्नपत्रों में सामने आई त्रुटियों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संघ ने कक्षा 1 से 8 तक के प्रश्नपत्रों को सॉफ्ट कॉपी के बजाय मुद्रित रूप में उपलब्ध कराने तथा प्रश्नपत्रों को त्रुटिरहित तैयार करने की पुरजोर मांग रखी।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) रायपुर द्वारा जारी निर्देशानुसार 21 सितंबर से तिमाही परीक्षा आयोजित की जानी थी। तय व्यवस्था के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक के प्रश्नपत्रों की छपाई करवाकर विकासखंड के माध्यम से संकुलों तक भेजा जाना था। हालांकि, कक्षा 1 से 8 तक के प्रश्नपत्र केवल सॉफ्ट कॉपी के रूप में भेजे गए और कई विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियां भी सामने आईं। संघ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था विवादों का विषय नहीं बननी चाहिए।
मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 1 से 8 तक के प्रश्नपत्रों की छपाई के लिए बजट के अभाव की बात कही और स्थिति से डीपीआई को अवगत कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, आगामी परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में त्रुटियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही।
अन्य प्रमुख मुद्दों पर भी हुई चर्चा:
शिक्षकों के वेतन पर राहत: बैठक में अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने का मुद्दा भी उठाया गया। डीईओ ने स्पष्ट किया कि अवकाशधारी शिक्षकों की जानकारी जुटाई जा रही है और किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं रोका जाएगा।
शिक्षकों की कमी और उच्च परीक्षा आवेदन: प्राथमिक शाला बोराइकछार में स्थानांतरण के कारण उत्पन्न एकल शिक्षक की स्थिति पर तत्काल ‘शिक्षा दूत’ की पदस्थापना का आश्वासन दिया गया। वहीं, उच्च परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के आवेदन प्रस्तावों को जेडी कार्यालय भेजने पर सहमति बनी।
इस दौरान संभाग अध्यक्ष व प्रभारी विनोद गुप्ता, जिलाध्यक्ष धनुक वर्मा, संभाग उपाध्यक्ष मार्कण्डेय साहू, महासचिव के.डी. वैष्णव, ब्लॉक अध्यक्ष महेश पाली सहित गणेश पटेल, राजू मेश्राम, कामता चन्द्रवंशी, लतीफ कुरैशी, मुरली झारिया, दिनेश चन्द्रवंशी, छोटे लाल पाटिल, गिरधर वर्मा, संतोष निषाद, अर्जुन लहरे, जिनेंद्र रत्नाकर, नितेन्द्र गजपाल, सुरेश वर्मा और टेकराम डड़सेना समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



