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सहसपुर लोहारा उपचुनाव: भाजपा में ‘सत्यप्रकाश तिवारी’ के नाम की गूंज, क्या युवा जोश भरेगा जीत की हुंकार?

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सहसपुर लोहारा। नगर की सियासत में इन दिनों एक ही नाम चर्चा के केंद्र में है— सत्यप्रकाश तिवारी।

पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय संतोष मिश्रा के निधन से रिक्त हुई कुर्सी को भरने के लिए नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस चुनावी रण में भाजपा की ओर से युवा और अनुभवी चेहरे के रूप में सत्यप्रकाश तिवारी ने अपनी मज़बूत दावेदारी ठोककर विरोधियों के खेमे में हलचल पैदा कर दी है।


छात्र राजनीति की भट्टी में तपकर निकले हैं तिवारी
सत्यप्रकाश तिवारी राजनीति के नौसिखिए खिलाड़ी नहीं हैं। साल 2001 में ABVP के झंडे तले छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत करने वाले तिवारी ने पिछले 24 वर्षों में संगठन के हर मोर्चे पर खुद को साबित किया है। भाजयुमो मंडल महामंत्री से लेकर जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के सह-संयोजक तक का उनका सफर यह बताता है कि उनके पास संगठन को चलाने का न केवल अनुभव है, बल्कि कार्यकर्ताओं की नब्ज़ पर उनकी पकड़ भी है।
वरिष्ठों का आशीर्वाद और युवाओं का साथ
हाल ही में तिवारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, मंडल प्रभारी कृष्ण कुमार वैष्णव और मंडल अध्यक्ष लालाराम साहू से मुलाकात कर अपना दावा पेश किया।
क्यों मज़बूत है पलड़ा?
नगर के गलियारों में चर्चा है कि सत्यप्रकाश तिवारी की ‘साफ-सुथरी छवि’ और ‘मेडिकल सेवा’ के जरिए लोगों से सीधा जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
जमीनी जुड़ाव: एक व्यवसायी (तिवारी मेडिकल) होने के नाते वे नगर की समस्याओं से भली-भांति वाकिफ हैं।
सोशल इंजीनियरिंग: युवाओं में क्रेज और बुजुर्गों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार उन्हें एक ‘सर्वमान्य नेता’ के रूप में स्थापित करता है।
विकास का विजन: उनका नारा “विकास, विश्वास और जनसेवा” केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि नगर के लिए उनकी कार्ययोजना का आधार माना जा रहा है।
राजनीतिक पंडितों की मानें तो भाजपा इस बार किसी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहेगी जो न केवल चुनाव जीत सके, बल्कि संगठन को एक नई ऊर्जा भी दे। सत्यप्रकाश तिवारी इन पैमानों पर पूरी तरह फिट बैठते नजर आ रहे हैं। यदि पार्टी उन पर भरोसा जताती है, तो सहसपुर लोहारा का यह उपचुनाव बेहद रोमांचक होने वाला है।
अब सबकी नजरें पार्टी आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं कि क्या भाजपा इस बार ‘युवा जोश’ को कमान सौंपती है?

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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