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कसडोल प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग, प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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पत्रकार विजय शंकर तिवारी को आरोपी बनाए जाने की निष्पक्ष समीक्षा एवं कथित मारपीट की जांच की भी उठाई मांग

बलौदाबाजार। कसडोल थाना क्षेत्र के बहुचर्चित प्रकरण को लेकर बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग सहित विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

प्रेस क्लब ने ज्ञापन में कहा है कि कसडोल थाना क्षेत्र में सामने आए प्रकरण में एक ओर स्वयं को अनुसूचित जाति वर्ग की बताने वाली युवती द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर थाना कसडोल पुलिस ने 28 जून 2026 को अपराध क्रमांक 260/2026 में धारा 308(2), 308(6), 217, 248(ख), 61(2)(क) एवं 45 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर इसे कथित ब्लैकमेलिंग एवं उगाही का प्रकरण बताया है। दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से भिन्न होने के कारण सत्य का पता लगाने के लिए स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की जांच स्थानीय स्तर से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष रूप से वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

प्रेस क्लब ने यह भी मांग की है कि प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। इसके तहत थाना कसडोल एवं एसडीओपी कार्यालय कसडोल के 24 जून से 28 जून 2026 तक तथा कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं सखी सेंटर, बलौदाबाजार के 26 जून से 28 जून 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज संरक्षित कर जांच का हिस्सा बनाया जाए।

ज्ञापन में बलौदाबाजार निवासी पत्रकार विजय शंकर तिवारी को उक्त प्रकरण में आरोपी बनाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई है। प्रेस क्लब ने मांग की है कि उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा की जाए। साथ ही पत्रकार के साथ थाना कसडोल में कथित मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

प्रेस क्लब ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र एवं निर्भीक पत्रकारिता की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसलिए छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए तथा पत्रकारों को उनके वैधानिक दायित्वों के निर्वहन के दौरान प्रभावी विधिक संरक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा को सौंपा गया। इस दौरान बलौदाबाजार प्रेस क्लब के अध्यक्ष नरेश गनशानी के नेतृत्व में सचिव दलजीत सिंह चावला, कोषाध्यक्ष राजेश्वर सिंह गिरी, राघवेंद्र सिंह, गोविंद रात्रे, श्रवण ध्रुव, लोकेश्वर बघेल, गणेश साहू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

प्रेस क्लब ने उम्मीद जताई है कि शासन एवं प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जिससे सत्य सामने आए और दोषी के विरुद्ध कानून के अनुरूप कार्रवाई हो सके।

मुकेश अवस्थी

प्रधान संपादक

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